मेरी नन्हीं मित्र
एक नन्ही सी गिलहरी
मेरे घर में आती है
रोज सुबह आवाज लगाकर
मेरा मन बहलाती है
मैं हर रोज मूंगफली के दाने और पानी
रख देती हूं आंगन में
वो दिनभर चहक चहककर
आती जाती रहती है।
एक सुबह लेकर आई संग
अपने दो साथी भी साथ
क्या पता भाई बहन थे या फिर आई थी मां और बाबा के साथ।
तीनों ने मिलकर खाना खाया
और साथ में खेली पकड़न पकड़ाई
भाग भागकर उछल कूद कर
घर में जंगल सी सुगंध अलसायी
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