विशाल बरगद
एक विशाल बरगद का पेड़
जीवन को आशा देता है
घबराना मत, मैं हूं यहां
शाखाएं फैलाकर कहता है
उसकी घनी पत्तियों के झुरमुट में
चिड़ियों का भी बासेरा है
कितने सारे घोंसले संभाले
सदियों से दृढ़ खड़ा हुआ है
कौवा पपीहा गौरैयां और कोयल
गाना गा उसका मन बहलाते
तुम बहुत प्यारे हो काका
कहकर उसको सभी बुलाते
वह भी अपनी बाहें खोलकर
सबको गले लगाता है
बिना थके बिना डरे
अडिग साहस दर्शाता है
मुझसे भी अक्सर कहता है
जीवन एक संघर्ष है बिटिया
आगे बढ़ो, और जीत कर आओ
हार कभी न मानो, बस आगे बढ़ते जाओ।
कभी सोचती हूँ क्या पूछूँ
कैसे इतने दृढ़ रहते हो
पर उसकी छाया में जाकर
प्रश्न अस्तित्व खोने लगते हैं
जैसे सार जीवन का लेकर
सीख सभी को देता है वो
एक विशाल बरगद का पेड़
जीवन को आशा देता है
घबराना मत, मैं हूं यहां
शाखाएं फैलाकर कहता है।
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